मोदी मैजिक के सहारे प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने भोपाल सीट जीत ली.आज भोपाल में बीजेपी दफ्तर में उनकी जीत का जश्न मनाया गया. इस जश्न में कार्यकर्ता तो शामिल हुए, लेकिन दिग्गज नदारद थे.
भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह चुनाव हार गए हैं. बीजेपी प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर ने उन्हें साढ़े 3 लाख से ज्यादा वोटों से हराया. भोपाल लोकसभा क्षेत्र में 8 विधानसभा सीट हैं. प्रज्ञा ठाकुर को इनमें से 6 में जीत मिली जबकि दिग्विजय सिंह सिर्फ दो विधानसभा सीट पर लीड ले पाए. दिग्विजय सिंह भोपाल उत्तर और मध्य सीट पर जीते.
देश की सबसे हाई प्रोफाइल सीटों में से एक भोपाल पर देश की निगाहें हैं। भोपाल संसदीय सीट से भाजपा की प्रज्ञा सिंह ठाकुर कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह से आगे चल रही हैं। शुरुआती रूझान में बढ़त के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर मीडिया के सामने आईं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा- निश्चित मेरी विजय होगी, मेरी विजय में धर्म की विजय होगी और अधर्म का नाथ होगा। मैं भोपाल की जनता का आभार देती हूं। बता दें कि दिग्विजय सिंह साध्वी प्रज्ञा से बहुत पीछे चल रहे हैं।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह की पत्नी सरोज सिंह का आज दिल्ली में निधन हो गया। वो लंबे वक्त से बीमार चल रहीं थीं और दिल्ली में ही उनका इलाज चल रहा था। मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और उनके बेटे अजय सिंह ने इसकी पुष्टि की है। मां की मौत की जानकारी मिलते ही अजय सिंह दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। बता दें कि पिछले कुछ महीनों से उनका अपने बेटे अजय सिंह के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। अर्जुन सिंह न सिर्फ मध्य प्रदेश, बल्कि देश के दिग्गज कांग्रेस नेताओं में शुमार रहे हैं। वो तीन बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के साथ ही राजीव गांधी की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहने के साथ ही पंजाब के राज्यपाल भी रह चुके हैं। लोग उन्हें राजनीति का चाणक्य भी मानते थे। लंबे वक्त तक मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में उनका दबदबा रहा था।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ अब पूरी तरह से सक्रिय राजनीति में एंट्री मार चुके हैं. लोकसभा चुनाव 2019 में वे अपने पिता की पारंपरिक सीट छिंदवाड़ा से मैदान में हैं. छिंदवाड़ा लोकसभा सीट देश और मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित सीट मानी जाती है. यहां पर पिछले पैंतीस सालों से पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान के मुख्यमंत्री कमलनाथ जीत दर्ज करते आए हैं.
19 मई को लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में मध्य प्रदेश की 8 लोकसभा सीटों के लिए वोटिंग होनी है। मालवा-निमाड़ की 8 सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए कांग्रेस ने पूरी ताकत लगाई हुई है। इसलिए आज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पहली बार इंदौर आ रही हैं। वो यहां कांग्रेस उम्मीदवार पंकज संघवी के समर्थन में एक रोड शो करेंगी। इसकी शुरुआत राजमोहल्ला चौराहे से होगी। यहां वो भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगी। इसके बाद रोड-शो की शुरुआत होगी जो मालगंज, नृसिंह बाजार, बॉम्बे बाजार, यशवंत रोड गुरुद्वारा होते हुए राजवाड़ा पहुंचेगी। इस दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ भी उनके साथ मौजूद रहेंगे। सौ से ज्यादा स्वागत मंच लगाए गए।
अखिल भारतीय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 11 मई को मप्र में तीन चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। उनकी पहली सभा सुबह साढ़े 11 बजे देवास-शाजापुर लोकसभा क्षेत्र के तहत शुजालपुर में होगी।
प्रदेश में लाेकसभा के तीसरे और चौथे चरण में आठ-आठ सीटोंं पर मतदान होना है। कुल 29 सीटों में से अब तक 13 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है। 16 सीटें बाकी हैं, इनमें भी 6 ऐसी हैं, जहां चुनाव अब सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। इन सीटों पर कुल 3 करोड़ मतदाता हैं, जिन्हें साधने के लिए तरह-तरह के जतन किए जा रहे हैं। इन सीटों पर चुनाव आयोग भी 70 फीसदी से अधिक प्रयास कराने की तैयारी कर चुका है। यहां सुरक्षा के लिए सशस्त्र बल कंपनियाें का िडप्लाॅयमेंट भी हाे गया है।
दिग्विजय सिंह के समर्थन में भोपाल से प्रचार में उतरे कंप्यूटर बाबा रोजाना नए नारे गढ़ रहे हैं. मोदी सरकार के विरोध में कंप्यूटर बाबा ने नया नारा दिया है- “राम-राम ही अबकी बार, बदल के रख दो चौकीदार”. लोकसभा चुनाव 2019 में दिग्विजय सिंह की जीत के लिए कंप्यूटर बाबा ने मई की तपती हुई धूप में धूनी रमाई है. पूर्व मुख्यमंत्री की जीत के लिए बाबा का हठयोग भी खासा चर्चा में बना हुआ है. संत समुदाय ने भोपाल के लोगों से अपील की है कि वे कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह को ही वोट करें. संतों का कहना है कि लोग उनपर विश्वास करें. दिग्विजय सिंह समाज के लिए काम करते हैं.
दो दिन पहले भाजपा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ आरोप-पत्र लाई थी। जिसमें किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर कमलनाथ सरकार पर सवाल खड़े किए गए थे। आज कांग्रेस ने उस पर पलटवार करते पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के घर पहुंचकर किसानों की कर्जमाफी से जुड़े तमाम सबूत उन्हें सौंपे। लेकिन इस पर शिवराज सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दोबारा प्रदेश की कांग्रेस सरकार, राहुल गांधी और सीएम कमलनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि," कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सत्ता में आने के दस दिन के भीतर ही किसानों का कर्जा माफ करने का वादा किया था, लेकिन अब कहते फिर रहे हैं कि ये कर्जा माफ करेंगे, वो कर्जा माफ करेंगे। जबकि वादा, सबका कर्ज़ा माफ करने का था। प्रदेश में अब तक किसानों का कर्जा माफ नहीं हुआ है। किसानों के साथ प्रदेश सरकार ने धोखा किा है। जब तक बैंकों को सरकार पैसा नहीं देंगी, कर्जा माफ नहीं होगा।"